सेतुबंधासन करने का तरीका और फायदे - Setu Bandhasana (Bridge Pose) steps and benefits in Hindi

सेतुबंधासन करने का तरीका और फायदे - Setu Bandhasana (Bridge Pose) steps and benefits in Hindi

सेतुबंधासन करने का तरीका और फायदे - Setu Bandhasana (Bridge Pose) steps and benefits in Hindi

सेतुबंधासन के फायदे - Setu Bandhasana (Bridge Pose) in Hindi

सेतुबंधासन के कुछ फायदे हैं यह:

  1. सेतुबंधासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है।
  2. छाती, गर्दन, और रीढ़ की हड्डी में खिचाव लाता है।
  3. मस्तिष्क को शांत करता है और तनाव और हल्के अवसाद को कम करने में मदद करता है सेतुबंधासन।
  4. पाचन में सुधार लाता है। (और पढ़ें -  पाचन क्रिया बढाने के उपाय)
  5. सेतुबंधासन पेट के अंगों, फेफड़ों और थायराइड को उत्तेजित करता है।
  6. टाँगों को फिर से जीवंत बनाता है।
  7. रजोनिवृत्ति के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है सेतुबंधासन।
  8. मासिक धर्म में होने वाली परेशानी से राहत देता है।
  9. सेतुबंधासन अस्थमा (दमा), हाई बीपी, ऑस्टियोपोरोसिस और साइनसाइटिस के लिए चिकित्सीय।
  10. चिंता, थकान, पीठ दर्द, सिरदर्द, और अनिद्रा कम कर देता है। 

सेतुबंधासन करने से पहले यह आसन करें - Setu Bandhasana (Bridge Pose) se pahle ye aasan kare in Hindi

सेतुबंधासन करने से पहले आप यह आसन कर सकते हैं:

  1. बालासन (Balasana or Child's Pose)
  2. गरुडासन (Garudasana or Eagle Pose)
  3. मार्जरी आसन (Marjariasana or Cat Pose)
  4. भुजंगासन (Bhujangasana or Cobra Pose)

सेतुबंधासन करने का तरीका - Setu Bandhasana (Bridge Pose) karne ka tarika in Hindi

सेतुबंधासन करने का तरीका हम यहाँ विस्तार से दे रहे हैं, इसे ध्यान से पढ़ें।

  1. अपनी पीठ के बल फ्लैट लेट जायें। अपने बाज़ुओं को धड़ के साथ रख लें।
  2. टाँगों को मोड़ कर पैरों को अपने कूल्हों के करीब ले आयें। जितना करीब हो सके उतना लायें।
  3. हाथों पर वज़न डाल कर धीरे धीरे कूल्हों को उपर उठायें। ऐसा करते वक़्त श्वास अंदर लें।
  4. पैरों को मज़बूती से टिका कर रखें। पीठ जितनी मोडी जाए, उतनी ही मोड़ें। अपनी क्षमता से ज़्यादा ना करें - अभ्यास के साथ धीरे धीरे आप ज़्यादा कर सकते हैं।
  5. अब दोनो हाथों को जोड़ लें।
  6. आपके लिए मुमकिन हो तो दृष्टि नाक पर केंद्रित करें वरना छत की ओर देख सकते हैं।
  7. इस मुद्रा में 5-10 सेकेंड रहें, फिर कूल्हों को वापिस ज़मीन पर टिकायं। नीचे आते वक़्त श्वास छोड़ें। हो सके तो 2 से 3 बार दौहरायें। अगर इतना ना हो तो जितना हो सके उतना करें।
  8. आसान से बाहर निकालने के लिए विपरीत क्रम में स्टेप्स करें।

सेतुबंधासन का आसान रूपांतर - Setu Bandhasana (Bridge Pose) ke rupantar in Hindi

  1. अगर आपकी पीठ बहुत ही सख़्त है तो पीठ को कम मोड़ें।
  2. अगर आपको अपने कूल्हों को उठाए रखने में परेशानी हो तो कमर के नीचे कुछ सपोर्ट के लिए लगा सकते हैं जैसे कोई छूटा स्टूल या कुर्सी।

सेतुबंधासन करने में क्या सावधानी बरती जाए - Setu Bandhasana (Bridge Pose) me kya savdhani barte in Hindi

  1. अगर आपकी पीठ में चोट हो तो सेतुबंधासन ना करें।
  2. अगर आपकी गर्दन में चोट हो तो सेतुबंधासन ना करें।

सेतुबंधासन करने के बाद आसन - Setu Bandhasana (Bridge Pose) ke baad aasan in Hindi

सेतुबंधासन के बाद आप यह आसन कर सकते हैं।

  1. सर्वांगासन (Sarvangasana or Shoulder Stand)
  2. ऊर्ध्व मुख श्वानासन (Urdhva Mukha Svanasana or Upward-Facing Dog Pose)
  3. ऊर्ध्व धनुरासन (या चक्रासन) (Urdhva Dhanurasana or Chakrasana or Upward-Facing Bow Pose)

सेतुबंधासन का वीडियो - Setu Bandhasana (Bridge Pose) Video in Hindi

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