IAS होकर रखा एक्टिंग में कदम, हुए पॉपुलर, जानें- कैसे मिला था मौका

IAS होकर रखा एक्टिंग में कदम, हुए पॉपुलर, जानें- कैसे मिला था मौका

IAS Officer से एक्टर ऐसे बनें अभिषेक सिंह, केस की जानकारी देते वक्त मिला था ऑफर

फिल्म और वेब सीरीज में तो आपने कई एक्टर्स को पुलिस का किरदार निभाते हुए देखा होगा लेकिन इस बार होने जा रहा है इसका बिल्कुल उलट। जी हां, इस बार एक एक्टर नहीं बल्कि एक आईएएस ऑफिसर को आप वेब सीरीज में एक्टिंग करते हुए देखने वाले हैं। इस आईएएस ऑफिसर का नाम है अभिषेक सिंह जिन्होंने अब एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा है। 

सबसे पहले जानिए कौन हैं आईएएस अभिषेक सिंह

अभिषेक सिंह 2011 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में दिल्ली सरकार में उपायुक्त हैं। कोरोना महामारी के बीच इन्होंने रियल लाइफ हीरो की भूमिका निभाई। अभिषेक सिंह ने 'SIGMA' (स्टूडेंट्स फॉर इन्वॉल्व्ड गवर्नेंस और म्यूचुअल एक्शन) नामक एक संगठन की शुरुआत कर मजदूरों के लिए नई मुहीम की शुरुआत भी की। लॉकडाउन में रोजगार खो देने वालों की मदद के लिए हेल्पलाइन नम्बर (8800883323) जारी किया। टीवी सीरियल दिया और बाती में आईपीएस अधिकार बनीं अभिनेत्री दीपिका सिंह की मां को कोरोना महामारी के दौरान समय पर अस्पताल में भर्ती करवाने में भी मदद की।

राजधानी दिल्ली में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात आईएएस ऑफिसर अभिषेक सिंह इन दिनों चर्चा में हैं. हालांकि वो किसी प्रशासनिक कार्य की वजह से सुर्खियों में नहीं हैं, बल्कि अपने अभिनय कला के चलते वो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं. अभिषेक ने हाल ही में रिलीज़ हुए टी-सीरीज़ के नए गाने 'दिल तोड़ के' में काम किया है. इस गाने को यूट्यूब पर अब तक तीन करोड़ से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है.

इस गाने को रोचक कोहली और बी प्राक ने गाया है. इस गाने के बोल मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं और इसमें आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह के अलावा कशिश वोहरा और जुबीन शाह भी नज़र आए हैं. ये गाना 1995 में आई फिल्म 'बेवफा सनम' के गाने का रीमिक्स वर्ज़न है.

हाल ही अभिषेक का एक सॉन्ग रिलीज हुआ है जो सुपरहिट साबित हुआ है। इस सॉन्ग के बारे में बात करते हुए अभिषेक ने बताया कि कैसे वो इसका हिस्सा बनें। अभिषेक ने बताया कि कैसे वो एक आईएएस ऑफिसर से एक एक्टर बने। उन्होंने आईएएस ऑफिसर होते हुए एक्टिंग के सेट का अपना पहला एक्सपीरियंस बताया जो काफी मजेदार था। इसके साथ ही अभिषेक ने अपने इस सफर से जुड़ी कई और मजेदार बातें शेयर कीं।

Abhishek Singh : प्यार में धोखा मिलने पर देना चाहते थे जान, IAS बनकर अब Dil Tod Ke के गाने में दिखे

कहते हैं इश्क में धोखा मिलने के बाद इंसान या तो बर्बाद हो जाता है या फिर आबाद। आईएएस अभिषेक सिंह वो शख्स हैं,​ जिन्होंने प्यार की बेवफाई को ही अपनी ताकत बनाया और कामयाबी की नई कहानी लिख दी। आज हम आईएएस अभिषेक सिंह का जिक्र इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि बी प्राक का नया गाना 'दिल तोड़ के हंसती हो मेरा' इन्हीं पर फिल्माया गया है। खास बात यह है कि रील लाइफ का गाना 'दिल तोड़ के' अभिषेक सिंह की रियल लाइफ के बेहद करीब है। आइए जानते हैं 15 जुलाई को यूट्यूब पर रिलीज किए गए 'दिल तोड़ के' गाने में एक्टिंग का मौका मिलने से लेकर उससे पहले प्यार में दिल टूटने तक की अभिषेक सिंह की पूरी कहानी।

जब प्यार में टूटा अभिषेक सिंह का दिल

मीडिया से बातचीत में अभिषेक सिंह बताते हैं 'दिल तोड़ के हंसती हो मेरा' गाने मेरी निजी जिंदगी से काफी मिलता जुलता है। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान मैं भी किसी से बेइंतहा मोहब्बत करता था पर मुझे प्यार में धोखा मिला। तब मैं बुरी तरह से टूट चुका था। सुसाइड तक करने की सोचने लगा था, मगर फिर मैंने अपने आप को संभाला और यूपीएससी की तैयारियों में जुट गया। वर्ष 2011 में आईएएस बनने में सफल रहा। 'दिल तोड़ के' गाने की लास्ट लाइन सिर्फ दिल टूटा है। सांस नहीं। धड़कनों में रवानी अ​भी बाकी। प्यार का किस्सा खत्म हो गया तो क्या जिंदगी की कहानी अभी बाकी है।

अभिषेक सिंह की पत्नी दुर्गा शक्ति नागपाल भी आईएएस

आईएएस अभिषेक सिंह की पत्नी दुर्गा शक्ति नागपाल 2009 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। इनके चार साल की बेटी है। 25 जून को रायपुर में जन्मीं दुर्गा शक्ति अवैध खनन मामले में नोएडा के समाजवादी पार्टी के नेता के खिलाफ मोर्चा खोलने के मामले में सुर्खियों में रही थीं। इसके बाद दुर्गा शक्ति नागपाल को निलंबन झेलना पड़ा था। यह मामला कोर्ट भी पहुंचा था। बाद में उत्तर प्रदेश सरकार ने इन्हें बहाल कर दिया। फिलहाल दुर्गा शक्ति नागपाल कॉमर्स मिनिस्ट्री में बतौर डिप्टी सेक्रेटरी कार्यरत हैं।

आईएएस अभिषेक सिंह का परिवार

अभिषेक सिंह के परिवार से पत्नी के ​अलावा अन्य कई सदस्य भी प्रशासनिक सेवा में हैं। इनकी मां हाउस वाइफ हैं। पिता आईपीएस अधिकारी रहे हैं। चाचा यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी पद से रिटायर हो चुके हैं। कई चेचरे भाई भी पुलिस में हैं। इनका ननिहाल रायपुर में है। छोटी बहन दंत रोग विशेषज्ञ है। छोटा भाई एमएनसी में काम करता है। अभिषेक सिंह के दादा स्कूल टीचर रहे। आईएएस पत्नी के पिता भी आईएएस अधिकारी और दादा पुलिस अधिकारी रहे हैं।

तीन करोड़ लोग देख चुके 'दिल तोड़ के' गाना

अभिषेक सिंह के डेब्‍यू सॉन्‍ग 'दिल तोड़ के' को 23 जुलाई तक तीन करोड़ लोग देख चुके हैं। अभिषेक सिंह को इस गाने का ऑफर फिल्मी स्टाइल में मिला। पिछले साल सरकारी काम से अभिषे​क सिंह मुम्बई गए थे। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह की आखिरी फिल्म 'दिल बेचारा' के डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा अभिषेक सिंह के दोस्त हैं। मुकेश छाबड़ा ने इन्हें अपने ऑफिस में लंच के लिए बुलाया था। उस समय पर वहां ​पर दिल्ली क्राइम सीजन 2 वेब सीरीज की टीम बैठी थी

पहले मिला वेब सीरीज में अभिनय का मौका

मुकेश ने अभिषेक को उस टीम से मिलवाते हुए बताया कि ये वेब सीरीज बना रहे हैं, इन्हें दिल्ली पुलिस से संबंधित कुछ जानकारियां चाहिए। किसी ने मुझसे पूछा कि आपने क्या-क्या ऐक्टिंग की है अब तक। फिर वहां कुछ लोग थे जो हंसने लगे और कहा कि ये कोई एक्टर नहीं बल्कि दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर हैं। वे कहने लगे कि तभी मैं सोच रहा था कि एक ऐक्टर को पुलिस के बारे में इतना कुछ कैसे पता है। उन्होंने पूछा- 'आप ऐक्टिंग करना चाहोगे? हमारी वेब सीरीज में एक किरदार है जो आईएएस ऑफिसर का ही है। आपकी बॉडी लैंग्वेज देखकर ऐसा लगता है कि आप उस किरदार में फिट हो और कैरक्टर रियल लगेगा।'।

दिल्ली क्राइम-2 की शूटिंग में मिला 'दिल तोड़ के' गाने का ऑफर

अभिषेक ने ऐक्टिंग के इस ऑफर पर बातें करते हुए कहा, 'मैंने कभी ऐसा कुछ किया नहीं था तो जवाब समझ नहीं आया। मुकेश छाबड़ा ने कहा- हम 2-3 लाइन आपको देते हैं, कैमरे पर बोलकर देखो। मुझे भी नई चीजें करने का शौक रहा है तो स्क्रीन टेस्ट दिया औऱ सबको पसंद आ गई। इसके बाद मुझे शॉर्ट फिल्म का ऑफर हुआ और मैंने वो भी कर ली। यहां से काफी कुछ सीखा, जिसका फायदा मुझे दिल्ली क्राइम की शूटिंग के वक्त मिला।' उसी दौरान बाइक पर बैठे हुए की एक तस्वीर अखबार में छपी थी, जिसे देखकर टी-सीरीज की टीम ने 'दिल तोड़ के' गाने का ऑफर दिया।

आईएएस अभिषेक सिंह ने जब शिक्षक से लगवाई उठक बैठक

लॉकडाउन में हीरो बने और अब 'दिल तोड़ के' में एक्टिंग करके सुर्खियों में आए अभिषेक सिंह उत्तर प्रदेश के मथुरा में उप जिलाधिकारी पद पर रहते हुए एक दलित शिक्षक को अपने कार्यालय में उठक बैठक कराने के मामले में भी चर्चा रहे हैं। तब अभिषेक सिंह को इस अमानवयी व्यवहार के लिए निलंबित किया गया था। बाद में वह प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली आ गए। दिल्ली में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात अभिषेक सिंह ने राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ कई अभियानों का नेतृत्व किया।

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