आगरा के किले का इतिहास और जानकारी | ताजमहल की पूरी कहानी

आगरा के किले का इतिहास और जानकारी | ताजमहल की पूरी कहानी

ताजमहल की पूरी कहानी

आगरा। मोहब्बत की निशानी ताजमहल खूबसूरती का नायाब उदाहरण है। इसका निर्माण मुगल शासक शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की याद में कराया था। गुंबदनुमा इस इमारत को जब आप सिर उठाकर देखेंगे तो ये आपको किसी अजूबे से कम नहीं लगेगी। आप जैसे—जैसे इससे दूर जाते हैं, ये आपको अपनी ओर आकर्षित करती है। यही कारण है कि इस इमारत को दुनिया के सात अजूबों में शुमार किया गया है। भव्यता के कारण 1983 में ताजम​हल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बना। वहीं इसे भारत की इस्लामी कला का रत्न भी घोषित किया जा चुका है।

कहां स्थित है

(Agra Ka Kila Kaha Sthit Hai)

उत्तरप्रदेश के आगरा शहर में ताजमहल से करीब

ढाई किलोमीटर की दूरीपर यमुना नदी के किनारे स्थित है।

कब हुआ निर्माण

(Agra Ka Kila Kab Bana)

1565 ई. से 1573. ई. के बीच में (मुगल साम्राज्य के दौरान)

किसने करवाया निर्माण

(Agra Fort Was Built By)

 मुगल सम्राट अकबर

आगरा किले का निर्माण

उत्तरप्रदेश के आगरा में यमुना नदी के तट पर  स्थित इस विशाल किले का निर्माण मुगल बादशाह अकबर ने 1565 से 1573 ईसवी के बीच करवाया गया।

हालांकि, इस किले के प्रवेश द्धारा पर लिखा गया है कि, विश्व धरोहर में शामिल इस विशाल किले का निर्माण मूल रुप से 1000 ईसवी से भी पहले किया गया था, और मुगल शासक अकबर ने सिर्फ इस किले का नवीनीकरण करवाया था।

हालांकि, समय-समय पर इस किले में  अलग-अलग शासकों द्धारा बदलाव किए गए हैं। मुगल सम्राट अकबर के पोते और मुगल साम्राज्य के उत्तराधिकारी शाहजहां ने इस किले में सुंदर सफेद संगमरमर के पत्थरों का इस्तेमाल कर इसके अंदर बेहद आर्कषक और रमणीय मस्जिद का निर्माण करवाया और इसमें सुंदर नक्काशी कर इसे और अधिक उन्नत बनाया।

इसके साथ ही शाहजहां ने आगरा के किले का इस्तेमाल उस समय महल के रुप में भी किया था, जब मुगलों की राजधानी को आगरा से दिल्ली शिफ्ट कर दिया गया था।

वहीं इसके बाद शाहजहां के निर्दयी पुत्र  औरंगजेब ने आगरा किले की बाहरी प्रचारी का निर्माण करवाया था। आपको बता दें कि औरंगजेब, जब मुगल साम्राज्य का उत्तराधिकारी बना था, तब उसने अपने ही पिता शाहजहां को उनके जीवन के आखिरी दिनों में इस किले में कैद कर लिया था।

ऐसा भी कहा जाता है कि, इस किले से शाहजहां, अपनी मुमताज बेगम की याद में बनाए गए दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल को देखते रहते थे।

आगरा के किले का इतिहास और जानकारी

उत्तरप्रदेश के आगरा में स्थित आगरा किला अपनी अनूठी वास्तुकला और अद्भुत शिल्पकारी के लिए जाना जाता है। यह किला मुगल साम्राज्य में बनी प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। इसकी अद्धितीय बनावट के कारण इसे यूनेस्कों द्धारा विश्व धरोहर की लिस्ट में भी शामिल किया गया था।

आपको बता दें कि यह आगरा में दुनिया के 7 आश्चर्यों में शुमार ताजमहल से महज ढाई किलोमीटर की दूरी पर यमुना नदी के किनारे  स्थित है। मुगल कालीन वास्तुशैली से बने इस विशाल किले का निर्माण मुगल सम्राट अकबर ने करवाया था।

इस किले का निर्माण लाल बलुआ पत्थरों से किया गया है, इसलिए इस किले को आगरा का ”लाल किला” भी कहा जाता है। अपनी भव्यता और आर्कषण की वजह से यह भारत के मुख्य पर्यटन स्थलों में से भी एक है।

इस विशाल किले के परिसर के अंदर पर्ल मस्जिद, दीवान-ए-आम, जहांगीरी महल, मोती मस्जिद, पर्ल मस्जिद समेत मुगलों की बेहतरीन इमारतें बनी हुई हैं। वहीं इस आर्टिकल में हम आपको आगरा के इस विशाल किले से जुड़े कुछ रोचक तथ्य और इसके इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं –

अपनी भव्यता और आर्कषण की वजह से विश्व धरोहर की लिस्ट में शामिल आगरा के विशाल किले का इतिहास राजपूतों, मुगलों और लोदी वंश से जुड़ा हुआ है।

आपको बता दें कि आगरा के ऐतिहासिक महत्व की वजह से यह दिल्ली की राजधानी हुआ करता था। आगरा किले के निर्माण का इतिहास 1080 ईसवी से भी पहले मिलता है, जब महमूद गजनवी की सेना ने भारत को जीतने के उद्देश्य से इस किले पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था।

वहीं कुछ इतिहासकारों की माने तो यह किला मूल रुप से चौहान वंश के राजपूत शासकों के पास था।

वहीं इसके बाद जब दिल्ली सल्तनत के पहले सुल्तान और लोदी वंश के शासक सिकंदर लोदी ने अपनी राजधानी को दिल्ली से आगरा शिफ्ट किया था, तब उसने इस किले की मरम्मत करवाई थी और वे बाद में इस किले में रहने लगे थे।

सिकंदर लोदी की मौत के बाद उनके पुत्र और लोदी वंश के उत्तराधिकारी इब्राहिम लोदी ने इस किले पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था और 1526 ईसवी में पानीपत के प्रथम युद्ध में हारने के बाद इस किले में मुगलों ने अपना शासन जमा लिया था।

इसके साथ ही मुगल वंश के संस्थापक बाबर के पुत्र और मुगल साम्राज्य के उत्तराधिकारी हुंमायूं ने न सिर्फ आगरा किले पर अपना कब्जा जमा लिया बल्कि लोदियों की अथाह संपत्ति पर और विशाल खजाना भी जब्त कर लिया जिसमें प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भी था।

विदेशों से बुलाए गए थे कारीगर

 इसे बनाने के लिए ​विदेशों से कुशल कारीगरों को बुलाया गया था। उनमें से 37 दक्ष कारीगर इकट्ठे किए गए, जिनकी देखरेख में करीब बीस हजार मजदूरों ने काम किया। शिल्पकार उस्ताद अहमद लाहौरी इसके निर्माण कार्य के प्रमुख थे। लाहौरी पर्शियन थे और उन्हें ईरान से बुलाया गया था। इसके अलावा पत्थर पर डिजाइन तराशने के लिए मध्य एशिया से कारीगर बुलाए गए। ताजमहल फ़ारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला का प्रतीक है।

तीन रंग बदलता है ताजमहल

इसके निर्माण में 28 किस्म के पत्थरों का प्रयोग किया गया था। ये पत्थर बगदाद, अफगानिस्तान, तिब्बत, मिश्र, रूस, ईरान आदि कई देशों के अलावा राजस्थान से मंगाए गए थे। इन पत्थरों का ही कमाल है कि ताजमहल सुबह गुलाबी, दिन में सफेद और पूर्णिमा की रात को सुनहरा नजर आता है। 

ताजमहल का रहस्य

शहजहां और मुमताज का मकबरा : भारतीय इतिहास के पन्नों में यह लिखा है कि ताजमहल को शाहजहां ने मुमताज के लिए बनवाया था। वह मुमताज से प्यार करता था। दरअसल, इसे शाहजहां और मुमताज का मकबरा माना जाता है दुनिया भर में ताजमहल को प्रेम का प्रतीक माना जाता है, लेकिन कुछ इतिहासकार इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं।

हिंदूओं के दावे, शिव मंदिर है ताजमहल

हिंदू समुदाय के लोगों का दावा है कि ताजमहल वास्तव में शिवमंदिर है। इसका नाम तेजोमहालय है। उनका तथ्य है कि शाहजहां की बेगम का नाम मुमताज़ था, मुमताज़ की स्पेलिंग में आखिर में ज़ेड आता है ज​बकि ताजमहल में जे। इसके अलावा यदि इसमें मुम शब्द को लगा रहने देते तो भी कुछ नहीं बिगड़ता, फिर मुम शब्द क्यों हटाया गया। इसके अलावा महल मुस्लिम शब्द नहीं है। किसी भी मुस्लिम देश में ऐसी इमारत नहीं है जिसके नाम में महल शब्द का प्रयोग किया गया हो। पी एन ओक की पुस्तक ताजमहल इज़ ए हिन्दू टेंपल में ऐसी तमाम दलीलें देखी जा सकती हैं जो इस इमारत को शिव मंदिर साबित करती हैं।
 

आगरा किले के अंदर बनी प्रसिद्ध एवं महत्वपूर्ण इमारतें:

दुनिया के सात आश्चचर्यों में से एक ताजमहल से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस ऐतिहासिक आगरा के किले के अंदर कई अनूठी संरचनाएं बनी हुई हैं, जो कि निम्नलिखित हैं –

जहांगीर महल – Jahangir Mahal Agra

आगरा में स्थित इस विश्व धरोहर के परिसर में एक बेहद सुंदर और आर्कषक जहांगीर महल स्थित है। यह महल आगरा किले में अमर सिंह द्धार (अकबर दरवाजा) से घुसते ही पड़ता है। इस महल को मुगल सम्राट अकबर ने अपने बेटे जहांगीर के लिए बनवाया था।

अंगूरी बाग़ – Anguri Bagh

आगरा किले के परिसर में बना अंगूरी बाग भी इस भव्य किले की शोभा बढ़ाता है, यह करीब 85 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है।

खास महल – Khas Mahal

ताजनगरी आगरा में स्थित म इस विशाल किले के अंदर बना खास महल, अपनी अनूठी संरचना के लिए प्रसिद्ध है।  इस बेहद आर्कषक संरचना को सफेद संगमरमर के पत्थरों का इस्तेमाल कर बनाया गया है।

खास महल के निर्माण में हिन्दू, इस्लामी और फारसी शैली का प्रभाव दिखता है। खास महल का इस्तेमाल सम्राटों द्धारा आराम करने के लिए किया जाता था।

मुसम्मन बुर्ज – Musamman Burj

आगरा किले के परिसर में बने इस खास महल के बाईं तरफ मुसम्मन बुर्ज बना हुआ है, यह अष्टकोणीय आकार में बना एक खुला मंडप है। इस बुर्ज को मुगल सम्राट शाहजहां द्धारा बनवाया गया था।

आपको बता दें शाहजहां के जिंदगी के अंतिम पलों में उसके पुत्र औरंगजेब द्धारा  उसे इसी बुर्ज में बंदी बना कर रखा गया था, वहीं इस दौरान शाहजहां इस बुर्ज में बैठकर अपनी प्रिय बेगम मुमताज बेगम की याद में बने भव्य मकबरा ताजमहल को देखता रहता था।

शीश महल – Sheesh Mahal Agra

मुगलकालीन वास्तुशैली की इस सर्वश्रेष्ट कृति आगरा किले के अंदर बना शीश महल, इस किले के परिसर में बनी सर्वोत्तम संरचनाओं में से एक है।

शीश महल या ‘कांच का महल’ का इस्तेमाल सम्राटों द्धारा ड्रेसिंग रुप या फिर ‘हरम’ के तौर पर किया जाता था। इस महल के अंदर छोटे-छोटे शीशों से बेहद शानदार सजावट की गई है।

यह देखने में बेहद सुंदर और आर्कषक है। यहां आम पर्यटकों के जाने की इजाजत नहीं है।

दीवान- ए-ख़ास – Diwan I Khas Agra

विश्व धरोहर आगरा किले के परिसर में बने शीश महल के दाहिने तरफ  दीवान-ए-खास स्थित है। इसका इस्तेमाल सम्राटों द्धारा किसी बड़े अधिकारियों की मीटिंग आदि के लिए किया जाता था।

बेहद कीमती पत्थरों से बनी हुई इस संरचना  के अंदर रखा जहांगीर का सिंहासन इसकी प्रमुख विशेषता थी।

दीवान-ए आम – Diwan I Aam Agra Fort

विश्व विरासत में शामिल आगरा किले के परिसर में  दीवान-ए-आम का निर्माण आम जनता के लिए किया गया था।

इस खास इमारत में सम्राटों द्धारा आम जनता की फरियाद सुनी जाती थी और उनकी समस्याओं का निस्तारण किया जाता था। दीवान-ए-आम के अंदर एक प्रसिद्ध मयूर सिंहासन या फिर तख्त-ए-हाउस भी स्थापित किया गया था।

नगीना मस्जिद – Nagina Masjid Agra Fort

प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर आगरा किले के परिसर के अंदर नगीना मस्जिद का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने करवाया गया। आपको बता दें कि दरबार की महिलाओं के लिए निजी मस्जिद के रुप में इस मस्जिद का निर्माण करवाया गया था।

मोती मस्जिद – Moti Masjid Agra

मोती मस्जिद, विश्व धरोहर आगरा किले में स्थित एक बेहद आर्कषक  और सुंदर  संरचना  है। यह मस्जिद, मुगल सम्राट शाहजहां की निजी मस्जिद थी, जहां वह जाकर अल्लाह की इबादत करता था। हालांकि, वर्तमान में मोती मस्जिद में पर्यटकों के जाने की मनाही है।

नौबत खाना – Naubat Khana

प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर आगरा किले के अंदर बनी संरचना नौबत खाना के अंदर, सम्राटों के संगीतकार वाद्ययंत्र बजाकर उन्हें मंत्रमुग्ध करते थे।

आगरा किले से जुड़े कुछ रोचक एवं दिलचस्प तथ्य

विश्व धरोहर की लिस्ट में शामिल मुगलकालीन वास्तुकला की यह अनूठी इमारत आगरा किले का निर्माण मुख्य रुप से सैन्य रक्षा के लिहाज से किया गया था।

भारत के इस विशाल किले के निर्माण काम में करीब 8 साल का लंबा वक्त लगा था, वहीं करीब 4 हजार कारीगरों ने इस भव्य किले का निर्माण किया था।

दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक इस आगरा किले को पहले ”बादलगढ़” के नाम से भी जाना जाता था, ऐसा कहा जाता है कि इस किले निर्माण 1080 ईसवी से पहले किया गया था, जिसमें सबसे पहले चंदेल वंश के राजपूत शासक बादल सिंह का कब्जा था।

इंडो-इस्लामिक वास्तुशैली में बने इस आगरा किले पर समय-समय पर अलग-अलग शासकों ने राज किया है। यह किला मुगल, लोदी, राजपूत, गजनवी आदि के शासन का ग्वाह बन चुका है। इसके साथ ही यह किला देश की आजादी के लिए हुए पहले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की युद्ध स्थली भी रह चुका है।

आगरा का यह विशाल किला, मुगल सम्राट अकबर को बेहद दयनीय, बदतर और जर्जर हालत में मिला था, जिसके बाद अकबर ने इस किले का निर्माण करवाया और इसको भव्य रुप दिया।

आगरा के किले के निर्माण में लाल बलुआ पत्थरों इस्तेमाल किया गया है। इसलिए इसे ”आगरा का लाल किला” भी कहा जाता है।

ताजमहल से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर बने आगरा के इस विशाल किले के परिसर के अंदर 9 बेहद शानदार और आलिशान महल बने हुए हैं। जिनमें बंगाली महल, अकबरी महल, जहांगीर महल, शाह जहांनी महल, मच्ची भवन, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, खास महल, और शीश महल आदि शामिल हैं।

इस प्रसिद्ध ऐतिहासिक विरासत के अंदर फिल्म मुगल-ए-आजम के कई सीन फिल्माए गए हैं। इसके साथ ही बॉलीवुड का मशहूर गाना ‘प्यार किया तो डरना क्या’ की शूटिंग भी की गयी है।

आगरा में यमुना नदी के तट पर स्थित इस विशाल किले के परिसर में बना शीश महल को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) की तालेबंदी में रखा गया है। आपको बता दें कि किले के अंदर बनी यह बेहद आर्कषक संरचना शीश महल, सिर्फ बड़े राजनेता और वीवीआईपी के आगमन पर ही खोला जाता है।

आगरा का यह भव्य किला बहुमंजिला इमारत है, लेकिन पर्यटक इस किले की सिर्फ दो ही मंजिल का दीदार कर पाते हैं।

आगरा के इस प्रसिद्ध किले को साल 2004 में इसकी अनूठी वास्तुकला के लिए आगा खान पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। वहीं भारतीय डाक विभाग ने इस कार्यक्रम का जश्न मनाने के लिए एक टिकट भी जारी किया था।

आगरा किले (आगरा फोर्ट) तक कैसे पहुंचे

उत्तर प्रदेश में स्थित आगरा शहर वायु, सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आगरा का पंडित दीनदयाल उपाध्याय एयरपोर्ट भारत के सभी प्रमुख शहर जैसे  मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, और दिल्ली से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

इसलिए आगरा फोर्ट का दीदार करने के लिए आने वाले पर्यटक फ्लाइट के माध्यम से भी यहां आ सकते हैं। पर्यटक, एयरपोर्ट से आगरा फोर्ट तक टैक्सी, या फिर कैब की सहायता से पहुंचे सकते हैं।

वहीं अगर कोई पर्यटक रेल परिवहन के माध्यम से आगरा आना चाहता है तो यह शहर देश के प्रमुख शहरों से रेल माध्यम से भी बेहतर तरीके से जुड़ा हुआ है।

पर्यटक रेलवे स्टेशन से आगरा फोर्ट तक ऑटो, टैक्सी या फिर कैब सुविधा के माध्यम से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा अगर कोई पर्यटक सड़क मार्ग द्धारा आगरा आना चाहता है तो इस शहर के लिए देश के प्रमुख शहरों के लिए अच्छी बस सुविधा भी उपलब्ध हैं।

वहीं बस स्टेशन से आगरा फोर्ट तक सैलानी ऑटो, टैक्सी या फिर कैब के माध्यम से पहुंच सकते हैं। इ

आगरा का किला देखने का समय

यहां आने वाले पर्यटक आगरा के किले का दीदार हफ्ते में 6 दिन ही कर सकते हैं। शुक्रवार के दिन यह किला पर्यटकों के लिए बंद रहता है।

Massage (संदेश) : आशा है की "आगरा के किले का इतिहास और जानकारी | ताजमहल की पूरी कहानी" आपको पसंद आयी होगी। कृपया अपने बहुमूल्य सुझाव देकर हमें यह बताने का कष्ट करें कि Motivational Thoughts को और भी ज्यादा बेहतर कैसे बनाया जा सकता है? आपके सुझाव इस वेबसाईट को और भी अधिक उद्देश्यपूर्ण और सफल बनाने में सहायक होंगे। आप अपने सुझाव निचे कमेंट या हमें मेल कर सकते है!
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