घर जाने की जल्दी में हम कई बार भूल जाते हैं की कुछ लोगो के तो घर भी नहीं हैं ।

घर जाने की जल्दी में हम कई बार भूल जाते हैं की कुछ लोगो के तो घर भी नहीं हैं ।

घर जाने की जल्दी में हम कई बार भूल जाते हैं की कुछ लोगो के तो घर भी नहीं हैं ।

एक बार की बात है एक बहुत ही आमिर इंसान अपने ऑफिस ने निकला और महँगी गाड़ी को चलाते हुएं थोड़ा सा आगे बढ़ा ही था की उसने देखा की गाड़ियों के बिच में से एक बच्चा दौड़ते हुए निकल रहा हैं । उस बच्चे को देख ही रहा था । उसी बिच एक ईंट आकर के ज़ोर से उसकी गाड़ी पर पड़ती हैं । उसे समझ में नहीं आता हैं की ये छोटा सा बच्चा दौड़ते हुए मेरी गाड़ी पे ईंट क्यों फेंक रहा हैं । वो आगे से घुमा करके वापस लेके आता हैं अपनी गाड़ी और उतर कर के तुरंत भागता है । उस बच्चे को ढूंढने के लिए । गाड़ियों के बिच में वो बच्चा छुपा होता हैं । उससे कहता हैं की ये क्या तरीका हैं । ये क्या बत्तमीज़ी हैं आप मेरी गाड़ी पे ईंट फेंक रहे हैं । वो बच्चा बहुत विनर्मता से कहता हैं । सर ! मुझे मालूम हैं की आपको बहुत गुस्सा आ रहा हैं। मुझे पीटना चाहतें हैं । मारना चाहतें हैं । लेकिन क्या करू मेरी कोई आवाज ही नहीं सुन रहा हैं । तो मुझे ईंट फेंक कर के मारनी पड़ी । मैं इतनी देर से मदद ! मदद ! चिल्ला रहा हूँ लेकिन मेरी कोई बात ही नहीं सुन रहा हैं । बहुत देर से मैं मदद मांग रहां हूँ । कोई मेरी तरफ ध्यान नहीं दे रहां हैं । वो बोलें बात क्या हो गई । तो उस छोटे से बच्चे ने कहाँ की सर मेरा भाई ! अब से थोड़ी देर पहले एक बाइक वाला उसे टक्कर मार कर के चला गया । उसे ख़ून बह रहा हैं । वो इतना भारी हैं की मैं उसे उठा कर के सड़क तक भी नहीं ला पा रहां हूँ । मैंने जैसे तैसे कर के उसे किनारे किया हैं । उसको मैं दिखा नहीं पा रहां हूँ लोगो को, बता नहीं पा रहा हूँ की इसकी मदद कीजिये । मेरी मदद कीजिए । कोई मेरी बात नहीं सुन रहा है । इसिलिए मुझे ईंट फ़ेंक कर के आपके गाड़ी पे मारनी पड़ी ।

ये जो बंदा था अभी इन्सान ऑफिस से निकला था । घर जाने के लिए लेट हो रहा था । ये उसके साथ गया । उसके भाई को देखा तो वाक़ई में बहुत भारी भरकम सा बच्चा उसको ये उठा करके लाया । दोनों लोगो ने थोड़ी मदद की और उसको गाड़ी में बैठाया । खून के धब्बे से इसके गाड़ी में निशान - निशान हो गए । लेकिन कहाँ कोई बात नहीं । उसे हॉस्पिटल लेकर के गया । हॉस्पिटल में आपातकालीन कक्ष में एडमिट करवाया । जब डॉक्टर ने कहाँ की हाँ अब ये बच्चा खतरे से बहार हैं । तो ये भाई साहब जो ऑफिस से निकले थे । अपने घर के लिए वापस से हॉस्पिटल से निकले । अबकी बार गति बहुत कम थी । और समझ नहीं पा रहे थे की हुआ क्या हैं मेरे साथ । घर पहुँचे गाड़ी पार्क की । उस डेंट की तरफ नजर गई तो देखा की डेंट तो बहुत नोटिस में आ रहा था । बहुत बड़ा डेंट हुआ था क्योंकि ईंट पड़ी थी । लेकिन इन्होंने सोचा की अब इसको मरम्मत नहीं करवायूँगा क्योंकि ये डेंट मुझे बार - बार ज़िन्दगी में बताता रहेगा की इतने भी कठोर मत हो जाओ की ज़िन्दगी को ईंट फेंक करके याद दिलानी पढ़े की कोई आपकी मदत के लिए इन्तज़ार कर रहा हैं।

ज़िन्दगी आपसे संवाद करना चाहती हैं । आपके कानों में फुसफुसाती हैं । लेकिन हम कईं बार नोटिस नहीं करतें । फिर ज़िन्दगी में वो ईंटे आने लगती हैं । आपको भी नहीं मालूम कब भगवान आपको किसी का भगवान बना कर के चलें जाएं । एक दूसरे की मदद करतें चलिएं । और ज़िन्दगी में आगे बढ़ते चलिएं । 

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