मैदान में हारा हुआ इंसान फिर से जीत सकता हैं लेकिन मन से हारा हुआ इंसान कभी नहीं जीत सकता !!

मैदान में हारा हुआ इंसान फिर से जीत सकता हैं लेकिन मन से हारा हुआ इंसान कभी नहीं जीत सकता !!

मैदान में हारा हुआ इंसान फिर से जीत सकता हैं लेकिन मन से हारा हुआ इंसान कभी नहीं जीत सकता !!

बात जापान की हैं वहां लोगो को मछलियाँ खाने का बड़ा शौक हैं । और जितनी ताज़ी मछली होती हैं लोग उतनी ताज़ी मछली खाना पसंद करते हैं । लेकिन दिक्कत ये आन पढ़ी, समस्या ये आने लगी की मछुआरों को तट पर मछलियाँ मिलना बंद हो गई । और मछलियाँ पकड़ने क लिए उन्हें बिच समुन्द्र में जाना पढता । वहाँ से मछलियाँ पकड़ के लाते । बाज़ार तक पहुँचाते। लेकिन इन सब के बिच में इतना वक़्त लगता की मछलियाँ बाज़ार तक पहुँचते - पहुँचते बासी हो जाती । और मछुआरों की मछली कोई खरीदता नहीं क्योंकि मालूम चल जाता की बासी और ताज़ी कौन हैं । इन सब के बिच में मछुआरों ने सोचा की क्या क्या जाए । तो उन्होंने अपनी नाव पर फ़्रीजर लगवा लिया । अब वो मछलियां पकड़ते फ़्रीजर में डालते फिर उसको तट तक ले आते फिर वहाँ से बाज़ार तक पहुँचाते । लेकिन इन सब के बिच में भी जो उनकी मछलियाँ थी वो बिक नहीं रही थी क्योंकि जापानीज लोग जो थे वो आसानी से मालूम कर लेते की ताज़ी मछलियाँ कौन सी हैं । और ज़मे हुए मछलियाँ कौन सी हैं । तो इस वजह से उनकी मछलियाँ बिकती नहीं । अब इन्होनें सोचा की क्या क्या जाए ।

एक और शानदार विचार लेकर के आएं । अबकी बार इन्होनें बड़े - बड़े जहाज़ पर टैंक्स बनवा लिया । पानी से भरे टैंक में ये मछलियाँ पकड़ते उस टैंक में डालते फिर से तट पर लेकर के आते । फिर से जो है बाज़ार लेकर आते । वही प्रक्रिया दोहराती रहती । लेकिन इस बार भी मछलियों में वो स्वाद नहीं आया क्योंकि इतने बड़े टैंक में इतनी सारी मछलियाँ डाली जाती उनके तैरने की जगह नहीं मिलती । और इस वजह से मछलियाँ वहां तक पहुँचते - पहुँचते बासी - सी हो जाती । अब समझ में नहीं आ रहा था मछुआरों को किया जाए तो क्या किया जाए । उन्होंने एक विचार सोचा और इतना कमल का विचार था की उनका काम आसानी से हो जाए । उन्होंने उस टैंक में एक छोटी - सी शार्क मछली दाल दी । अब शार्क मछली जो थी वो बहुत सारी मछलियाँ होती थी तो कुछ मछलियों को खा जाती लेकिन बाकि की मछलियाँ चौक्कनी रहती । अलर्ट रहती !!  और उनमे उतनी फुर्ती रहती उतनी ताज़गी रहती की वो बाजार तक पहुँचती तो ताज़ा मछली पहुँचती ।

दुर्भाग्य से आज हममे से कईयों की ज़िन्दगी में उस शार्क की कमी हैं । उस चुनौती की कमी हैं।  हम जो ज़िन्दगी जीते आ रहें हैं वही ज़िन्दगी जी रहें हैं । और हम अपनी ज़िन्दगी में कोई नई चुनौती स्वीकार ही नहीं करना चाहते ।  अगर आपकी ज़िन्दगी में भी शार्क की कमी महसूस कर रहें हैं तो अपने चुनौतियों को बढ़ाईए । अपने सपनो को ऊंचाई दीजिये !!

Massage (संदेश) : आशा है की "मैदान में हारा हुआ इंसान फिर से जीत सकता हैं लेकिन मन से हारा हुआ इंसान कभी नहीं जीत सकता !!" आपको पसंद आयी होगी। कृपया अपने बहुमूल्य सुझाव देकर हमें यह बताने का कष्ट करें कि Motivational Thoughts को और भी ज्यादा बेहतर कैसे बनाया जा सकता है? आपके सुझाव इस वेबसाईट को और भी अधिक उद्देश्यपूर्ण और सफल बनाने में सहायक होंगे। आप अपने सुझाव निचे कमेंट या हमें मेल कर सकते है!
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